रायपुर। युवा सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में पहल करते हुए कलिंगा विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ और ‘मिशन स्पंदन’ के तहत “10 करोड़ नशा-मुक्त शपथ मेगा अभियान” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर, प्रति-कुलपति डॉ. मोनिका सेठी शर्मा तथा शांति निकेतन से ब्रह्माकुमारी रुचिका दीदी और ब्रह्माकुमारी मोनिका दीदी उपस्थित रहीं। ब्रह्माकुमारियों ने नशा मुक्ति विषय पर प्रेरक सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्म-अनुशासन और आंतरिक शक्ति के महत्व से अवगत कराया।
इसके बाद ब्रह्माकुमारी मोनिका दीदी ने विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को ‘नशा मुक्त भारत शपथ’ दिलाई। इसमें नशीले पदार्थों से दूर रहने, परिवार और मित्रों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया गया।
कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने ब्रह्माकुमारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक बनाना भी है।
कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स और युवा इंडिया के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वय एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा शर्मा ने छात्र कल्याण अधिष्ठाता टीम, संकाय सदस्यों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों के सहयोग से किया।
कार्यक्रम का समापन “नशे को कहें ना, जीवन को कहें हां” और “एक शपथ, एक संकल्प, एक मिशन—नशा मुक्त भारत” जैसे नारों के साथ हुआ। विश्वविद्यालय ने स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त वातावरण के निर्माण के लिए ऐसी जागरूकता गतिविधियां आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
