Oplus_131072
कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने 24 सितंबर को कांकेर प्रवास के दौरान प्रयास कन्या छात्रावास एवं आदिवासी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनके रहन-सहन, पढ़ाई और छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। छात्राओं ने भी खुलकर अपनी जरूरतें और समस्याएं आयोग अध्यक्ष के सामने रखीं।
संवाद के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावास में वेंडिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन पैड डिस्पोजल मशीन नहीं है। छात्राओं ने बिजली की समस्या की जानकारी देते हुए बताया कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने बिजली की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सोलर पैनल और आपातकालीन लाइट की व्यवस्था की मांग रखी।
इसके अलावा छात्राओं ने डिजिटल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास के लिए स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराने की मांग भी की। डॉ. वर्णिका शर्मा ने छात्राओं की बातों को गंभीरता से सुना और आवश्यक सुविधाओं के लिए उचित स्तर पर पहल करने का आश्वासन दिया।
छात्राओं ने सूर्यकिरण में रहने की इच्छा भी जताई, जिस पर आयोग अध्यक्ष ने उनके लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। छात्राओं ने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा भी व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने छात्रावास में साफ-सफाई, अनुशासन और व्यवस्थित वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की वास्तविक जरूरतों को समझने के लिए उनसे सीधे संवाद करना जरूरी है। बच्चों को सिर्फ शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ, सम्मानजनक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी जिम्मेदारी है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतों को समय पर पूरा करना उनके बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि बाल अधिकार आयोग उनकी समस्याओं और अधिकारों को लेकर लगातार काम करता रहेगा।
