नया रायपुर। कलिंगा यूनिवर्सिटी, नया रायपुर में लॉ फैकल्टी की ओर से आयोजित ‘सुराना एंड सुराना JUDEX 4.0 ह्यूमन राइट्स लॉ मूट कोर्ट कॉम्पिटिशन 2026-27’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। देशभर के 16 प्रतिष्ठित लॉ संस्थानों की टीमों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और मानवाधिकार कानून, कानूनी शोध, तर्क-वितर्क तथा कोर्टरूम एडवोकेसी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
सिम्बायोसिस लॉ स्कूल नोएडा ने जीता खिताब
कड़े मुकाबले के बाद सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नोएडा प्रतियोगिता का विजेता बना। विजेता टीम में स्वधा सिंह चौहान, विधि ढल और तारिषी गोयल शामिल रहीं। टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और एक्सीलेंस सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
वहीं SVKM के NMIMS स्कूल ऑफ लॉ, इंदौर ने रनर-अप का स्थान हासिल किया। अनुष्का परिहार, मान जैन और कृष्णा सिंह की टीम को 15 हजार रुपये नकद, ट्रॉफी और मेरिट सर्टिफिकेट दिया गया।
प्रतियोगिता में IIT खड़गपुर के राजीव गांधी स्कूल ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ ने तीसरा और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे ने चौथा स्थान हासिल किया।
16 संस्थानों की टीमों ने लिया हिस्सा
प्रतियोगिता के शुरुआती राउंड 10 और 11 जुलाई को ऑनलाइन आयोजित किए गए थे। इसके बाद ऑक्टा-फाइनल, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल राउंड 7 और 8 अगस्त को कलिंगा यूनिवर्सिटी परिसर में ऑफलाइन हुए।
ऑफलाइन चरण में देश के विभिन्न हिस्सों से आई 16 टीमों ने हिस्सा लिया। ऑक्टा-फाइनल के बाद आठ टीमें क्वार्टर फाइनल और चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं। इसके बाद दो टीमों के बीच फाइनल मुकाबला हुआ।
हाईकोर्ट से जुड़े कानूनी विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में न्यायपालिका और कानूनी पेशे से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ शामिल रहे। फाइनल राउंड का मूल्यांकन ADPO शुभम तोमर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुमेह श्रीवास्तव और रायपुर के प्रांश लॉ ऑफिसेस के पार्टनर एडवोकेट ऋषभ गर्ग ने किया।
जजों ने प्रतिभागियों की कानूनी रिसर्च, कानून की व्याख्या, तर्कों की गुणवत्ता, वकालत की शैली और कोर्टरूम प्रस्तुति के आधार पर टीमों का मूल्यांकन किया।
मेमोरियल और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए भी पुरस्कार
प्रतियोगिता में टीम अवॉर्ड के साथ व्यक्तिगत प्रदर्शन और मेमोरियल ड्राफ्टिंग के लिए भी पुरस्कार दिए गए। सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे को बेस्ट मेमोरियल का पुरस्कार मिला, जबकि डॉ. अंबेडकर कॉलेज, दीक्षाभूमि, नागपुर को सेकंड बेस्ट मेमोरियल अवॉर्ड दिया गया। NUALS कोच्चि और NLIU भोपाल को क्रमश: थर्ड और फोर्थ बेस्ट मेमोरियल अवॉर्ड मिला।
वहीं CUSAT की हरिणी शेषद्रि, NMIMS इंदौर के मान जैन, BITS लॉ स्कूल मुंबई की ऐश्वर्या वेंकटसुब्रमण्यन और NMIMS इंदौर की अनुष्का परिहार को बेस्ट स्टूडेंट एडवोकेट चुना गया।
सिम्बायोसिस लॉ स्कूल नोएडा की स्वधा सिंह चौहान को फाइनल राउंड का बेस्ट स्पीकर घोषित किया गया। इसी टीम को प्रतियोगिता में उत्कृष्ट टीम भावना और व्यवहार के लिए ‘स्पिरिट ऑफ सुराना अवॉर्ड’ भी मिला।
जस्टिस गौतम चौर्डिया ने छात्रों को किया संबोधित
8 अगस्त को आयोजित समापन समारोह में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, रायपुर के अध्यक्ष जस्टिस गौतम चौर्डिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कानूनी ज्ञान के साथ ईमानदारी, अनुशासन, पेशेवर नैतिकता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी कानूनी रिसर्च, विश्लेषणात्मक क्षमता और वकालत के कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में कलिंगा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) आर. श्रीधर, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मोनिका सेठी शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. संदीप गांधी, लॉ फैकल्टी के प्रोफेसर एवं डीन प्रो. (डॉ.) अजीमखान बी. पठान सहित विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
कानूनी शिक्षा और मानवाधिकार पर फोकस
‘सुराना एंड सुराना JUDEX 4.0’ के जरिए विद्यार्थियों को केवल प्रतिस्पर्धा का मंच ही नहीं मिला, बल्कि मानवाधिकार कानून, संवैधानिक न्यायशास्त्र, कानूनी शोध और व्यावहारिक वकालत से जुड़े विषयों पर अपनी क्षमता परखने का अवसर भी मिला।
प्रतियोगिता का आयोजन सुराना एंड सुराना इंटरनेशनल अटॉर्नीज़ के सहयोग से किया गया। कलिंगा यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्टी की आयोजन टीम और छात्र स्वयंसेवकों ने विभिन्न चरणों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
16 राष्ट्रीय स्तर की टीमों के बीच हुए इस मुकाबले के साथ प्रतियोगिता का यह संस्करण संपन्न हुआ। आयोजकों के अनुसार, ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई के साथ वास्तविक कोर्टरूम परिस्थितियों के लिए तैयार करने और भावी कानूनी पेशेवरों में शोध, तर्क और वकालत की क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं।
