विधि व्याख्यान में विद्यार्थियों को मिले कानूनी पेशे के अनुभव और संवैधानिक मूल्यों की सीख
रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. ललित भसीन के सम्मान में विश्वविद्यालय के मूट कोर्ट हॉल का नाम उनके नाम पर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF), नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. भसीन ने 24 अक्टूबर को विश्वविद्यालय के विधि संकाय की विशिष्ट विधिवेत्ता व्याख्यान श्रृंखला में विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद 26 अक्टूबर को मूट कोर्ट हॉल के नामकरण का औपचारिक समारोह हुआ।
व्याख्यान के दौरान डॉ. भसीन ने अपने पेशेवर सफर और वकालत के अनुभवों पर बात की। उन्होंने विद्यार्थियों को कानूनी पेशे में ईमानदारी, नैतिक मूल्यों और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने की सीख दी। उनके अनुभवों से विद्यार्थियों को अदालतों में काम करने की व्यावहारिक समझ हासिल करने का अवसर मिला।
वास्तविक अदालत जैसा अनुभव देने की तैयारी
विश्वविद्यालय का मूट कोर्ट हॉल आधुनिक सुविधाओं और ऑडियो-विजुअल तकनीक से लैस है। यहां विद्यार्थियों को वास्तविक अदालत की कार्यवाही जैसा माहौल देने की व्यवस्था की गई है। इस हॉल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं, वकालत संबंधी कार्यशालाओं और मुकदमेबाजी के अभ्यास सत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा।
हॉल का नाम डॉ. ललित भसीन के नाम पर रखना विधि शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल कानून की सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रखकर उन्हें अदालत में दलील रखने, कानूनी प्रारूप तैयार करने और पेशेवर जिम्मेदारियों को समझने के लिए तैयार करना है।
विधि शिक्षा को व्यावहारिक बनाने पर जोर
कलिंगा विश्वविद्यालय का विधि संकाय सुराना एंड सुराना के सहयोग से मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं और अंतर-विश्वविद्यालय स्तर की गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने की दिशा में काम कर रहा है। संकाय मूट कोर्ट वकालत, विधिक प्रारूपण और पेशेवर कौशल पर केंद्रित एक विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और भविष्य की न्यायालयीन कार्यवाही के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, कुलपति प्रो. डॉ. आर. श्रीधर, प्रति-कुलपति डॉ. मोनिका सेठी शर्मा, अधिष्ठाता अकादमिक मामले एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. राहुल मिश्रा और विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. अज़ीम खान बी. पठान सहित अन्य अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. अज़ीम खान बी. पठान और प्रभारी विभागाध्यक्ष सुश्री एकता चंद्राकर ने किया। समन्वय की जिम्मेदारी संकाय सदस्यों व सहायक प्राध्यापकों वंशिका कपूर, नवांशु श्रीवास्तव और ऐनम फातिमा ने संभाली।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को वकालत, न्यायिक सेवाओं, विधिक अनुसंधान, शिक्षण और जनसेवा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। व्यावहारिक प्रशिक्षण और संवैधानिक मूल्यों पर जोर देकर विधि संकाय भावी कानूनी विशेषज्ञों को तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।




