रायपुर। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कैंपस में किया गया, जिसमें शिक्षकों और NSS स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभियान का नेतृत्व डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) की टीम ने किया। टीम में डिप्टी DSW शुभम प्रमोद और असिस्टेंट DSW ऋषिका गोयल शामिल रहे। वहीं, NSS स्वयंसेवकों ने NSS प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. हर्षा शर्मा के नेतृत्व में अभियान में सहयोग किया।
इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। अभियान के दौरान 300 से अधिक पौधे लगाए गए। विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और हरित एवं स्वस्थ परिसर विकसित करने की दिशा में योगदान दिया।
पौधों की देखभाल पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान कलिंगा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. संदीप गांधी ने कहा कि वृक्षारोपण की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “पेड़ लगाना तो बस पहला कदम है। हमारी असली ज़िम्मेदारी इन पौधों को बड़ा करके पूरा पेड़ बनाने में है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण पर लंबे समय तक अच्छा असर बना रहे।”
उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
सस्टेनेबल कैंपस के लिए सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम का समापन विज्ञान संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक पांडे के औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने प्रकृति संरक्षण को मानव की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि वृक्षारोपण धरती और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों, NSS स्वयंसेवकों और विश्वविद्यालय के सदस्यों ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने तथा भविष्य में भी टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।
