रायपुर। राजधानी रायपुर में रविवार को हुई करीब दो घंटे की तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं और निचले इलाकों में घरों तक बारिश का पानी पहुंच गया। कई जगह जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक अवंति विहार सेक्टर-2 के पास आकाश नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में तीन से चार अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सीजन में दूसरी बार ऐसी स्थिति बनी है। कॉलोनी के पीछे मौजूद नाले के जाम होने को भी जलभराव की एक वजह बताया गया है।
बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। पानी भरने के कारण कई वाहन रास्ते में बंद हो गए और कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात की रफ्तार काफी धीमी हो गई।
नगर निगम की तैयारियों पर सवाल
तेज बारिश के बाद लोगों ने नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले बड़े नालों की सफाई और पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए थी।
महापौर मीनल चौबे ने जलभराव के पीछे पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था की कमी, पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था और प्लानिंग से जुड़ी कमियों को कारण बताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम इन कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने की दिशा में काम कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में बारिश का आंकड़ा भी महत्वपूर्ण
मौसम केंद्र रायपुर के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 23 अगस्त के बीच छत्तीसगढ़ में औसतन 795 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 857.1 मिलीमीटर है। यानी राज्य में कुल बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम रही है। हालांकि जिलों के बीच बारिश में काफी अंतर है।
