रायपुर। राजधानी के आमानाका थाना क्षेत्र में तीन साल की बच्ची के साथ कथित यौन अपराध के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संज्ञान में मामला आने के बाद संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की तथ्यात्मक जानकारी मांगी गई है। आयोग पुलिस जांच की स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई और पीड़ित बच्ची को उपलब्ध कराई जा रही सहायता के बारे में जानकारी ले रहा है।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी परमानंद ध्रुव को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जानकारी तलब की है, ताकि जांच और बच्ची को उपलब्ध कराई जा रही सहायता की स्थिति स्पष्ट हो सके।
आयोग की ओर से पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 3 और 4 के तहत कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों के प्रति क्रूरता से संबंधित किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के संदर्भ में भी जानकारी ली जा रही है। इन प्रावधानों के तहत कार्रवाई का अंतिम स्वरूप जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
आयोग का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है। ऐसे मामलों में जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से होनी चाहिए। पीड़ित बच्चे को जरूरत के अनुसार सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
आयोग संबंधित अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी और जांच की प्रगति के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा। मामले में बच्ची की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। कानून के अनुसार, यौन अपराध से प्रभावित बच्चे की पहचान उजागर करना प्रतिबंधित है।
