रायपुर। कलिंगा यूनिवर्सिटी में अंगदान और प्रत्यारोपण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 6 अक्टूबर को AICTE के ‘जुग जुग जियो अभियान’ के तहत अंगदान संकल्प एवं जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को अंगदान के जीवन बचाने वाले महत्व की जानकारी देना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO), छत्तीसगढ़ के सहयोग से कलिंगा यूनिवर्सिटी के छात्र कल्याण अधिष्ठाता और प्रौद्योगिकी विभाग ने संयुक्त रूप से किया।
संगोष्ठी में स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, छत्तीसगढ़ में मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम (HOTA) के नोडल अधिकारी और छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति (CGSACS) के अतिरिक्त परियोजना निदेशक डॉ. खेमराज सोनवानी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अंग और ऊतक दान की प्रक्रिया, प्रत्यारोपण से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं और अंगदान को लेकर समाज में मौजूद सामान्य भ्रांतियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के नेतृत्व, संकाय सदस्यों और छात्रों ने अंगदान को लेकर संकल्प लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करने की प्रतिबद्धता जताई।
अंगदान के साथ HIV/AIDS को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रतिभागियों ने HIV/AIDS की रोकथाम, सही जानकारी, जिम्मेदार व्यवहार और बीमारी से जुड़े सामाजिक भेदभाव एवं कलंक को खत्म करने को लेकर भी शपथ ली।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि एक अंगदाता कई लोगों के जीवन को बचाने या बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन का नया अवसर देने के साथ उसके परिवार के लिए भी उम्मीद की नई किरण बन सकता है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि डॉ. खेमराज सोनवानी का अभिनंदन किया गया। छात्र कल्याण के प्रभारी अधिष्ठाता अजय कश्यप ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन, संकाय सदस्यों, SOTTO के प्रतिनिधियों और छात्रों के सहयोग की सराहना की।
कलिंगा यूनिवर्सिटी ने इस पहल के जरिए छात्रों को अंगदान जैसे सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करने के साथ जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




