रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और अगले तीन दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने 20 अगस्त को कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। हालांकि 21 और 22 अगस्त को बारिश जारी रहने के बावजूद भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं।
निम्न दबाव क्षेत्र ने बढ़ाई बारिश
प्रदेश में बारिश का मौजूदा दौर उत्तर झारखंड, दक्षिण-पश्चिमी बिहार और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बने अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बना हुआ है। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय है, जो सिस्टम के केंद्र से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
इस मौसम प्रणाली के चलते प्रदेश में नमी का प्रवाह बना हुआ है और कई जिलों में बारिश हो रही है।
उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर
20 अगस्त को राजनांदगांव, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है।
दूसरी ओर सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, रायगढ़ और कोरबा समेत कई जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं।
अगले दो दिन बारिश, फिर कमजोर पड़ेगा सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक 20 अगस्त के बाद प्रदेश में भारी बारिश का जोर धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांकि 21 और 22 अगस्त को भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा। यानी लोगों को बारिश से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना फिलहाल नहीं है।
रायपुर में छाए रहेंगे बादल
राजधानी रायपुर में आज मौसम बादलों से घिरा रह सकता है। कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
सुकमा में सबसे ज्यादा बारिश का असर
पिछले 24 घंटों में सुकमा जिले के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। बलरामपुर में भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई। प्रदेश में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
