रायपुर। (ASKCG) एसएमसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में मदर्स डे के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भ संस्कार विषय पर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ स्त्री रोग एवं निःसंतानता विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञा सूर्यवंशी ने गर्भवती महिलाओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने गर्भ संस्कार की प्राचीन भारतीय परंपरा पर प्रकाश डालते हुए सात्विक आहार, योग, ध्यान और तनावमुक्त जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे माता और गर्भस्थ शिशु का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
वरिष्ठ महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता दास ने गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मां का शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य गर्भ में पल रहे शिशु पर गहरा प्रभाव डालता है। उन्होंने महिलाओं को सात्विक भोजन, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
डॉ. मानसी पत्तेवार ने भी गर्भ संस्कार की भारतीय परंपरा पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास हेतु मां के सकारात्मक विचार, पोषक आहार, योग व ध्यान का विशेष महत्व होता है।
कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था की श्रद्धा दीदी ने भी भाग लिया और उपस्थित महिलाओं को ध्यान अभ्यास सिखाया। उन्होंने बताया कि ध्यान एवं साधना से मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
यह कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं को सशक्त बनाने, उनके अंदर सकारात्मक सोच विकसित करने और एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा। इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन ने महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

