रायपुर। (ASKCG) कहा जाता है कि डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, और यह बात हर उस पल में सच होती है जब एक मरीज को जीवनदान मिलता है। अपने कर्तव्य, सेवा और मानवता के प्रति समर्पण के साथ डॉक्टर दिन-रात मेहनत करते हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है।
बालोद जिले की 17 वर्षीय एक किशोरी, जिसकी रीढ़ की हड्डी 48 डिग्री तक झुकी हुई थी (Spinal Deformity), का सफल ऑपरेशन रायपुर स्थित काशी स्पाइन हॉस्पिटल में किया गया। यह प्रदेश की पहली रीढ़ की सर्जरी थी, जो अत्याधुनिक स्पाइनल नेविगेशन सिस्टम की मदद से संपन्न हुई। यह तकनीक अब तक केवल देश के बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित थी।
इस दुर्लभ सर्जरी को हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ अंथस्पाइन सर्जन डॉ. विमल अग्रवाल ने अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि मरीज को चलने-फिरने और सामान्य जीवन जीने में गंभीर कठिनाई हो रही थी, लेकिन नेविगेशन तकनीक के सहारे ऑपरेशन को अत्यधिक सटीकता और सुरक्षा के साथ किया गया।
यह सफलता अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। रामकृष्ण केयर, एम्स रायपुर, और नारायणा हॉस्पिटल सहित छत्तीसगढ़ के तमाम वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस सर्जरी की सराहना करते हुए इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब छत्तीसगढ़ के मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए मेट्रो शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध हो रही है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ ने न केवल मध्यभारत, बल्कि पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है। काशी स्पाइन हॉस्पिटल अब रीढ़ की सभी जटिल बीमारियों और सर्जरी के लिए एक आधुनिक और भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र के रूप में उभर रहा है।
