रायपुर। (ASKCG) छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब सोलर संयंत्रों की सफाई के लिए रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल होगा, जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है बल्कि पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
क्रेडा द्वारा तैयार ‘स्वचालित रोबोटिक सोलर क्लीनर’ सिस्टम को राजधानी के ऊर्जा शिक्षा उद्यान स्थित सोलर हाईमास्ट और ग्राम टेमरी के जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर ड्यूल पंप संयंत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लगाया गया है। इस सिस्टम का निरीक्षण बुधवार को क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा ने किया।
बढ़ती चुनौतियों से निकला समाधान
प्रदेश में क्रेडा अब तक करीब ढाई लाख सोलर संयंत्र स्थापित कर चुका है। लगातार बढ़ती संख्या के साथ इनकी सफाई और रखरखाव एक बड़ी चुनौती बन रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण पैनलों की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 20 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में क्रेडा ने इस समस्या का स्थायी तकनीकी समाधान खोज निकाला। परिणामस्वरूप यह स्मार्ट रोबोटिक सिस्टम सामने आया है, जो न केवल सफाई का काम आसान बनाएगा, बल्कि उत्पादन क्षमता में भी बढ़ोतरी करेगा।
जानिए क्या है इस सिस्टम की खास बातें
बिना मानवीय हस्तक्षेप सफाई: यह क्लीनर सिस्टम स्वचालित है, जिससे समय-समय पर सफाई खुद करता है।
बिना पानी के सफाई: यह सिस्टम जलविहीन तकनीक पर आधारित है, जो पानी की बचत भी सुनिश्चित करता है।
सौर ऊर्जा से चलता है: खुद भी सोलर एनर्जी से संचालित होने के कारण इसकी संचालन लागत लगभग शून्य है।
कम रखरखाव: इसका डिज़ाइन ऐसा है कि मरम्मत की जरूरत बेहद कम होती है।
उत्पादन क्षमता में वृद्धि: समय पर सफाई से सोलर पैनलों की कार्यक्षमता और ऊर्जा उत्पादन में निरंतरता बनी रहती है।
राज्य से राष्ट्र तक ले जाएगा क्रेडा
क्रेडा की योजना है कि इस सफल प्रायोगिक प्रयास के बाद इसे प्रदेश के अन्य सोलर संयंत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। इसके साथ ही अन्य राज्यों को भी इस तकनीक से लाभान्वित करने के उद्देश्य से इसे राष्ट्रीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
नवाचार और पारदर्शिता को मिली रफ्तार
क्रेडा के सीईओ बनने के बाद राजेश सिंह राणा ने गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार को संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। नतीजा यह है कि आज क्रेडा न केवल तकनीकी रूप से उत्कृष्ट है, बल्कि कार्यप्रणाली में भी नए मानक स्थापित कर रहा है।
यह नया रोबोटिक क्लीनर सिस्टम न सिर्फ स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट की दिशा में राज्य को आगे ले जाएगा, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय मानचित्र पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगा।


