रायपुर। साइंस कॉलेज मैदान में 4 अक्टूबर को 26वीं जूनियर राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 20 जिलों से करीब 350 तीरंदाज, कोच, मैनेजर और ऑफिशियल शामिल हुए। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता तीरंदाज अब 21 से 28 अक्टूबर तक राजस्थान के जयपुर में होने वाली जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
समापन समारोह में समाजसेवी बसंत अग्रवाल ने तीरंदाजी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि तीरंदाजी एक महंगा खेल है और इसके लिए बेहतर संसाधनों व लगातार अभ्यास की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के तीरंदाज राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक हासिल कर रहे हैं और नेशनल गेम्स में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का नाम रोशन करेंगे और ओलंपिक में पदक जीतेंगे।
बसंत अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के पैरा तीरंदाजों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश का पैरा तीरंदाज ओलंपिक में पदक जीत सकता है। उन्होंने तीरंदाजी संघ के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि संघ खिलाड़ियों के लिए लगातार मेहनत कर रहा है।
आयुष मुरारका ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं से युवा तीरंदाजों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है।
कैलाश मुरारका ने कहा कि हाल ही में एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो प्रदेश के तीरंदाज भी ओलंपिक स्तर तक पहुंच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के गीतेश यादव का तुर्की में चयन हुआ है। वहीं पद्मा साहू, चांदनी साहू और दक्षा नेशनल गेम्स में पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये खिलाड़ी आने वाले दो-तीन वर्षों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेंगी।
समारोह में सांसद लक्ष्मी वर्मा स्वास्थ्य खराब होने के कारण शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने तीरंदाजी संघ के आगामी कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में अमिताभ दुबे विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान प्रमुख कोच दुर्गेशनंदनी, अवन कुमार, उमेश बघेल, हीरू साहू, इतवारी राज, राजेंद्र देवांगन, दुर्गेश प्रताप, श्रद्धा, कलावती और प्रभु पोर्ते सहित विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी और तीरंदाजी से जुड़े लोग मौजूद रहे। गणमान्य नागरिकों में सोनू राजपूत और प्रवेश जोशी भी उपस्थित रहे।

