रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय के विधि संकाय और कानूनी सहायता प्रकोष्ठ की ओर से 11 सितंबर को पलौद गांव में उपभोक्ता अधिकारों और कानूनी सहायता को लेकर जागरूकता शिविर लगाया गया। ‘उपभोक्ता जागरूकता एवं कानूनी अधिकार’ विषय पर आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को अपने अधिकारों के साथ ही खरीदारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और शिकायत की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को अनुचित व्यापार प्रथाओं और धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताने के साथ जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता हासिल करने के लिए जागरूक करना था। विधि संकाय के छात्रों ने गांव में घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी जानकारी वाले पर्चे भी वितरित किए।
छात्रों ने ग्रामीणों को सलाह दी कि किसी भी सामान या सेवा की खरीदारी के बाद बिल और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें। किसी वस्तु या सेवा में कमी मिलने पर शिकायत दर्ज कराने और जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्कूल में भी कानूनी जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को उपभोक्ता संरक्षण, अपने अधिकारों की समझ और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व के बारे में बताया गया। संवादात्मक तरीके से आयोजित इन सत्रों का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर में अधिवक्ता कृष्णा कुमार सिन्हा ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को उपभोक्ता शिकायतों के निवारण और औपचारिक कानूनी उपचार हासिल करने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और कानूनी सवालों को लेकर उनसे मार्गदर्शन भी लिया।
इसके अलावा विधि के छात्रों ने गांव में सामुदायिक कानूनी सर्वेक्षण किया। इसके जरिए ग्रामीणों के सामने आने वाली कानूनी चुनौतियों को समझने का प्रयास किया गया, ताकि भविष्य में कानूनी सहायता से जुड़े कार्यक्रमों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके।
विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. अज़ीमखान बी. पठान के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में संयोजिका एकता चंद्राकर तथा संकाय समन्वयक वंशिका कपूर, प्रसून दुबे और सौम्यदीप चक्रवर्ती की भूमिका रही।
कलिंगा विश्वविद्यालय के विधि संकाय के अनुसार, ऐसे कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों के कानूनी ज्ञान को समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पलौद में आयोजित शिविर के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने, ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देने और न्याय तक उनकी पहुंच को आसान बनाने पर जोर दिया गया।

