रायपुर। कवर्धा के शासकीय बालक गृह में रहने वाले एक बालक के लिए इस बार जन्मदिन खास बन गया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालक की इच्छा पूछी तो उसने साइकिल की मांग की। अध्यक्ष ने उसकी इच्छा पूरी करने का भरोसा दिलाया और महज दो दिन के भीतर बालक को उसकी पसंद की साइकिल मिल गई।
दरअसल, डॉ. वर्णिका शर्मा 16 सितंबर को कवर्धा प्रवास के दौरान शासकीय बालक गृह के निरीक्षण पर पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान उन्हें पता चला कि बाल गृह में रहने वाले एक बालक का जन्मदिन है। उन्होंने बालक के साथ उसका जन्मदिन मनाया और बातचीत के दौरान उसकी पसंद और जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
जन्मदिन पर उपहार के बारे में पूछे जाने पर बालक ने संकोच और उत्साह के साथ साइकिल की इच्छा जताई। उसकी इच्छा सुनने के बाद डॉ. वर्णिका शर्मा ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी पसंद के अनुसार साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
अध्यक्ष के आश्वासन के दो दिन के भीतर ही बोड़ला, कवर्धा के बाल विकास परियोजना अधिकारी नमन शर्मा ने बालक को साथ लेकर उसकी पसंद की साइकिल का चयन कराया। इसके बाद साइकिल बाल गृह में बालक को उपलब्ध करा दी गई।
साइकिल मिलने के बाद आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालक से फोन पर बातचीत की। इस दौरान बालक ने खुशी जाहिर करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। एक छोटी सी इच्छा पूरी होने से बालक के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल अधिकारों में बच्चों की सहभागिता का महत्वपूर्ण स्थान है। बच्चों की बात सुनना, उनकी भावनाओं और इच्छाओं को महत्व देना और उनकी राय का सम्मान करना बाल अधिकार संरक्षण की मूल भावना है।
उन्होंने कहा कि बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को केवल संरक्षण और जरूरी सुविधाएं देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, भावनात्मक जरूरतों और सहभागिता के अधिकार को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बालक की इच्छा को प्राथमिकता देकर उसे पूरा करने की यह पहल इसी सोच को दर्शाती है।

