‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विशेषज्ञों ने समझाए गुड टच-बैड टच, कानूनी अधिकार और हेल्पलाइन नंबर
रायपुर। बच्चों को यौन अपराधों और साइबर ठगी से बचाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर की ओर से चलाए जा रहे ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत ब्रह्मविद द ग्लोबल स्कूल में जागरूकता सत्र रखा गया। इसमें विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, यौन उत्पीड़न, गुड टच-बैड टच और साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।
शॉर्ट फिल्म के जरिए समझाया पॉक्सो कानून
सत्र की शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों की प्रकृति और पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत दोषियों के लिए निर्धारित सजा के बारे में बताया गया। बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए किसी भी असहज स्थिति में सतर्क रहने और मदद मांगने का संदेश दिया गया।
यौन अपराधों और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी
न्यायिक अधिकारी चंद्रप्रताप सिंह, पूर्व अतिरिक्त जिला विधिक सहायता अधिकारी एवं प्रथम सिविल जज (जूनियर डिवीजन), रायपुर ने यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और यौन हमले के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के तहत होने वाली कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी समझाई।
विधिक सहायता रक्षा परिषद, रायपुर के उप प्रमुख अधिवक्ता गजेन्द्र सोनकर ने बताया कि बच्चों के खिलाफ लैंगिक अपराध केवल अनुचित तरीके से छूने तक सीमित नहीं हैं। अश्लील संदेश भेजना, आपत्तिजनक वीडियो दिखाना और अश्लील भाषा लिखकर देना भी कानून के दायरे में आ सकता है। उन्होंने उदाहरणों के जरिए बच्चों को इन गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
1098, 15100 और 1930 हेल्पलाइन की जानकारी
बाल संरक्षण इकाई, रायपुर के सामाजिक कार्यकर्ता गोरखनाथ पटेल ने बाल कल्याण समिति के माध्यम से अनाथ, दिव्यांग और आपदा प्रभावित बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण की व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने किशोर न्यायालय से जुड़ी जानकारी भी साझा की। विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और नालसा की विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 के उपयोग के बारे में बताया गया।
पुरानी बस्ती थाना के एएसआई चंदूलाल सिन्हा ने साइबर अपराधों पर जानकारी देते हुए आइडेंटिटी थेफ्ट, डिजिटल अरेस्ट और फिशिंग जैसे तरीकों से सावधान रहने को कहा। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने पॉक्सो कानून, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध और मानव तस्करी से जुड़े सवाल पूछे। वक्ताओं ने उनके सवालों के जवाब देकर कानूनी जानकारी साझा की।
स्कूल के डायरेक्टर प्रत्युष पड़रहा ने सभी वक्ताओं को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार जताया। इस मौके पर पुरानी बस्ती थाना के एसआई साकेत सिंह और ब्रह्मविद की हेड स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. गरिमा अग्रवाल भी मौजूद रहीं।



