बिलासपुर। उसलापुर के आनंद नगर राजघराना दुर्गोत्सव समिति की ओर से इस वर्ष भी भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देर रात तक हंसी के ठहाके गूंजते रहे। कवियों ने हास्य, व्यंग्य, देशभक्ति और श्रृंगार से जुड़ी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सराफा एसोसिएशन के संभागीय कार्यकारी अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय थे। अध्यक्षता अधिवक्ता आर.डी. शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में रमाकांत जायसवाल और पथ कैरियर के डायरेक्टर पीयूष पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां भगवती के समक्ष पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद हास्य कवि बालमुकुंद ने अपनी चुटीली रचनाओं से कवि सम्मेलन का आगाज किया।
बालमुकुंद ने पारिवारिक जीवन और पत्नी पर हास्य-व्यंग्य सुनाकर श्रोताओं को खूब हंसाया। इसके साथ ही उन्होंने बच्चियों के साथ हो रहे शोषण की पीड़ा को भी अपनी कविता के माध्यम से सामने रखा। उनकी पंक्तियों ने श्रोताओं को भावुक कर दिया और समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर संदेश दिया। उन्होंने दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए कड़ी सजा की मांग भी कविता के जरिए उठाई।
इसके बाद छत्तीसगढ़ी के सुप्रसिद्ध हास्य कवि कृष्ण सेन भारती, नांदघाट ने अपनी रचनाओं से माहौल को खुशनुमा बना दिया। उनकी छत्तीसगढ़ी कविता ‘जइसे-जइसे मोर उमर डोकरा होय बर भागे लागीस, मोला आऊ कइसे आंय-बांय लागे लागीस’ सुनकर श्रोता हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। उनकी प्रस्तुति पर लगातार तालियां बजती रहीं।
रायगढ़ से आए ओजस्वी कवि गुलशन खम्हारी ने मां भारती की वंदना करते हुए शहीदों की शहादत पर केंद्रित कविता सुनाई। उनकी रचना ने श्रोताओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। उन्होंने सैनिकों के बलिदान और तिरंगे के गौरव को शब्दों में पिरोते हुए सुनाया, ‘मैंने तो तुम्हें सिर्फ एक साड़ी के लिए बोला था, तूने तो तीन रंगों वाला तिरंगा ला दिया।’ उनकी कविता को श्रोताओं ने खूब सराहा।
कवि सम्मेलन की एकमात्र कवयित्री सोम प्रभा तिवारी ‘नूर’ ने श्रृंगार रस से अपनी काव्य यात्रा शुरू की। उनके मुक्तकों और गीतों ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। ‘राधिका की मैं मीरा की चलाई रीत लाई हूं, किसी मोहन की यादों में महकती प्रीत लाई हूं’ जैसी पंक्तियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
कार्यक्रम का संचालन सीपत के हास्य कवि शरद यादव ने किया। उनके चुटीले अंदाज और हास्य से भरपूर टिप्पणियों ने पूरे कार्यक्रम में श्रोताओं को बांधे रखा। उनकी हास्य फुलझड़ियों पर भी खूब ठहाके लगे।
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीकांत पाण्डेय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक कार्यक्रम लगातार होने चाहिए। इनसे लोगों को मनोरंजन के साथ प्रेरणा भी मिलती है। आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष अतुल तिवारी, सचिव मोहन जांगड़े, संयोजक पवन पाण्डेय, कोषाध्यक्ष दीपक श्रीवास, उपाध्यक्ष डब्बू त्रिपाठी सहित समिति के सदस्यों और कॉलोनीवासियों का विशेष सहयोग रहा।


