रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। राजधानी रायपुर स्थित काशी स्पाइन हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने 14 वर्षीय किशोरी की 62 डिग्री तक मुड़ी हुई रीढ़ की हड्डी को सफल सर्जरी के जरिए लगभग पूरी तरह सीधा कर दिया। इस जटिल स्कोलियोसिस सर्जरी की सफलता के बाद अस्पताल ने लगातार दूसरी बार गंभीर स्पाइनल विकृति के उपचार में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
रायगढ़ निवासी किशोरी कई वर्षों से स्कोलियोसिस नामक गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। बीमारी के कारण उसकी रीढ़ एक ओर झुक गई थी और पीठ पर कूबड़ विकसित हो चुका था। परिवार ने विभिन्न शहरों में इलाज और विशेषज्ञों से परामर्श लिया, लेकिन अधिकांश जगहों पर इस सर्जरी को अत्यधिक जोखिमपूर्ण बताया गया। कुछ चिकित्सकीय सलाहों में ऑपरेशन के बाद चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई थी।
निराशा के बीच परिवार काशी स्पाइन हॉस्पिटल पहुंचा, जहां विस्तृत जांच के बाद विशेषज्ञों ने पाया कि किशोरी की रीढ़ 62 डिग्री तक मुड़ चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर उपचार नहीं होने पर भविष्य में फेफड़ों और हृदय पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता था।
इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी का नेतृत्व अस्पताल के निदेशक एवं वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. विमल अग्रवाल ने किया। लगभग छह घंटे तक चली सर्जरी के दौरान अत्याधुनिक न्यूरो-मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे नसों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। ऑपरेशन के दौरान कई संवेदनशील परिस्थितियां सामने आईं, लेकिन विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक सभी जोखिमों को नियंत्रित किया।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति सामान्य रही और अगले ही दिन उसे चलाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार रीढ़ की विकृति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और मरीज अब सामान्य जीवन की ओर तेजी से बढ़ रही है।
यह अस्पताल की लगातार दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले भी काशी स्पाइन हॉस्पिटल ने बालोद जिले की एक किशोरी की 48 डिग्री झुकी रीढ़ को आधुनिक तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक सीधा किया था।
डॉ. विमल अग्रवाल ने कहा कि उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी स्पाइन केयर हब बनाना है, ताकि प्रदेश के मरीजों को जटिल स्पाइन सर्जरी के लिए बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आज रायपुर में भी विश्वस्तरीय तकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध है।
शंकर नगर स्थित काशी स्पाइन हॉस्पिटल को मध्य भारत का पहला एक्सक्लूसिव स्पाइन सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल माना जाता है। यहां स्पाइनल नेविगेशन, न्यूरो मॉनिटरिंग, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी, स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन और आधुनिक पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता केवल एक मरीज के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में उन्नत स्पाइन चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती क्षमता का भी प्रमाण है।
