जल जीवन मिशन व सौर सुजला योजना के तहत बिलासपुर व कोरबा में संचालित सोलर संयंत्रों का लिया जायजा
बिलासपुर/कोरबा। (ASKCG) राज्य शासन एवं भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं—जल जीवन मिशन एवं सौर सुजला योजना—के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा ने 22 जुलाई 2025 को बिलासपुर व कोरबा जिलों के विभिन्न ग्रामों का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के क्रम में किया गया।
बिलासपुर के ग्राम लोखण्डी में सौर सुजला योजना के तहत कृषक प्रशांत जैन के खेत में 3 HP सोलर पम्प का निरीक्षण किया गया। कृषक द्वारा सोलर पम्प से धान की फसल ली जा रही है और संयंत्र की मॉनिटरिंग RMS तकनीक से मोबाइल के माध्यम से की जा रही है। कृषक ने संयंत्र से पानी की मात्रा व कार्बन उत्सर्जन की सटीक जानकारी दी और योजना के प्रति संतोष व्यक्त किया।
कोटा विकासखंड के ग्राम जाली में जल जीवन मिशन योजना के तहत स्थापित सोलर पेयजल संयंत्र का अवलोकन हुआ। संयंत्र पूरी तरह कार्यशील पाया गया और ग्रामीणों ने बताया कि पाइपलाइन के माध्यम से 36 घरों तक स्वच्छ जल नियमित पहुंच रहा है।
कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम हारनमुंडी कदमपारा में भी जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित संयंत्र का निरीक्षण हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि 35 घरों तक सुबह-शाम पर्याप्त जल आपूर्ति हो रही है। इस अवसर पर श्री राणा ने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के लाभ की स्थिति की भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने योजनाओं से मिल रहे लाभ पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
कटघोरा ब्लॉक के ग्राम रंजना में सौर सुजला योजना के तहत हितग्राही जगेश्वर मरकाम के यहां 3 HP सोलर पम्प का निरीक्षण किया गया। हितग्राही ने बताया कि संयंत्र निरंतर कार्यशील है और किसी तकनीकी समस्या के लिए ‘सौर समाधान’ ऐप का उपयोग किया जा रहा है। श्री राणा ने ऐप के प्रचार-प्रसार हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
पोड़ी विकासखंड के ग्राम मड़ई में 1.2 किलोवॉट ऑफ-ग्रिड सोलर पॉवर प्लांट का भी निरीक्षण हुआ। यहां उप स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित संयंत्र से चिकित्सा उपकरण सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं। प्रभारी चिकित्सक डॉ. अल्फा इक्का ने बताया कि बिजली गुल होने की स्थिति में भी इलाज प्रभावित नहीं होता, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
निरीक्षण के अंत में श्री राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सौर परियोजनाओं—जल जीवन मिशन, सौर सुजला, सोलर हाईमास्ट व सोलर पॉवर प्लांट—की सतत निगरानी करते हुए कार्यों को गुणवत्ता और समयसीमा के अनुरूप पूर्ण किया जाए।
