रायपुर। (ASKCG) कलिंगा यूनिवर्सिटी के परिसर में बुधवार को एमबीए के इच्छुक छात्रों के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से 160 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। छात्रों को करियर मार्गदर्शन और कॉर्पोरेट दुनिया की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से रूबरू कराया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से तिलक और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। मुख्य वक्ता के रूप में नैसकॉम (मध्य भारत) के रीजनल हेड श्रीनु के., हीरा ग्रुप की एजीएम (सीएसआर) योगिता रावत और बैंक असिस्ट इंडिया के फाउंडर गौरव खरे ने छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने स्वागत भाषण देते हुए एमबीए की बढ़ती भूमिका और करियर में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
कलिंगा यूनिवर्सिटी के कैरियर एवं कॉर्पोरेट रिसोर्स सेंटर (CCRC) के डायरेक्टर पंकज तिवारी ने एक संवादात्मक सत्र में नेतृत्व कौशल, ब्रांडिंग और करियर रणनीति पर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे एक छात्र खुद को एक ब्रांड के रूप में विकसित कर सकता है और नेतृत्व की सोच अपना सकता है।
सीसीआरसी के मैनेजर सौरभ बनवार ने एक्टिविटी-बेस्ड सेशन में ‘प्रत्येक व्यक्ति की विशिष्टता’ को रेखांकित किया। वहीं श्रीनु के. ने भविष्य की मांग वाले कौशलों पर एक विस्तृत चर्चा की। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. संदीप गांधी ने छात्रों को संस्थान की विशेषताओं से अवगत कराया।
योगिता रावत ने अपने सत्र में छात्रों को करियर से जुड़ी व्यावहारिक सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने सीवी को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए, अवसरों को गंभीरता से लेना चाहिए और ऑफिस में आत्मविश्वास के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने ‘दिमाग में बर्फ, दिल में स्टील और जुबान में चीनी’ जैसे दिलचस्प उदाहरणों के माध्यम से कार्यस्थल के व्यवहार की समझ दी।
गौरव खरे ने छात्रों को व्यावसायिक दक्षता और दूरदर्शी सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा को असल जिंदगी में लागू करने की दिशा में प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में यूनिवर्सिटी की प्रशिक्षु सुश्री रुद्राणी आचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। संचालन का दायित्व सीसीआरसी की सहायक प्रबंधक श्रेया शर्मा ने निभाया।
इस कार्यक्रम का सफल आयोजन कलिंगा यूनिवर्सिटी के मार्केटिंग विभाग ने किया, जिसका नेतृत्व प्रवेश निदेशक अभिषेक शर्मा ने किया। आयोजन टीम में जे. विशाल (मैनेजर – मार्केटिंग), नैना धामेचा (शैक्षणिक परामर्शदाता), और प्रशिक्षु सुश्री रुद्राणी आचार्य शामिल रहीं। टीम ने छात्र कल्याण डीन कार्यालय के सहयोग से पूरे कार्यक्रम का समन्वय किया।
