होटल मेफेयर में जुटेंगे देशभर के 150 से अधिक हृदय रोग विशेषज्ञ, पहली बार छत्तीसगढ़ में लाइव कार्डियक केस का होगा सीधा प्रसारण
रायपुर। (ASKCG) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि का गवाह बनने जा रही है। सेंट्रल इंडिया इंटरवेंशनल काउंसिल (CIIC) का तीसरा वार्षिक अधिवेशन 14 और 15 जून 2025 को होटल मेफेयर में आयोजित होगा। यह अधिवेशन हृदय रोगों के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर केंद्रित रहेगा, जिसमें देशभर के 150 से अधिक वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट शिरकत करेंगे।
कार्यक्रम की खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ में पहली बार हृदय रोग के इलाज का लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा। इस दौरान रायपुर के तीन प्रमुख हृदय संस्थानों—मेकाहारा (एडवांस कार्डियक सेंटर), एस.एम.सी. हार्ट इंस्टिट्यूट और रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल—से तीन अलग-अलग उन्नत तकनीकों के केस का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसमें लेज़र एंजियोप्लास्टी, रोटेशनल आथ्रेक्टमी और ऑर्बिटल आथ्रेक्टमी शामिल हैं।
अधिवेशन में हृदय रोगों के इलाज की अत्याधुनिक इंटरवेंशनल तकनीकों जैसे TAVI (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन) और मिट्राक्लिप पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। ये तकनीकें बिना चीर-फाड़ के हृदय वॉल्व की जटिल समस्याओं का समाधान देती हैं। इसके अलावा ड्रग इल्यूटिंग बैलून, बायोडिग्रेडेबल स्टेंट और आईवीएल (इंट्रावास्कुलर लिथोट्रिप्सी) बैलून जैसी नवीनतम विधियों पर भी व्याख्यान होंगे।
देश के कई नामी कार्डियोलॉजिस्ट इस अधिवेशन में मौजूद रहेंगे। इनमें पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. अश्विन मेहता, कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पी.सी. रथ और जी.बी. पंत अस्पताल दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. विजय त्रेहान शामिल हैं। ये विशेषज्ञ हृदय रोगों के इलाज में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों और तकनीकों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सतीश सूर्यवंशी (ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी), डॉ. सितांशु शेखर मोहंती (अध्यक्ष, सीजीसीएसआई) और डॉ. निखिल मोतीरामानी (सेक्रेटरी) के नेतृत्व में किया जा रहा है। इस दौरान 14 जून को CIC की नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की जाएगी, जिसमें डॉ. जयराम अय्यर (दुर्ग) को अध्यक्ष और डॉ. मनोज गुप्ता (रायपुर) को सचिव नियुक्त किया जाएगा।
इस अधिवेशन को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह छत्तीसगढ़ के लिए एक सुनहरा अवसर है। इससे न केवल प्रदेश में हृदय रोगों के इलाज के लिए अत्याधुनिक और किफायती तकनीकों का मार्ग प्रशस्त होगा, बल्कि स्थानीय मरीजों को भी बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। रायपुर देश के हृदय उपचार मानचित्र पर एक नई पहचान बना रहा है।
