एकजुटता के रंग में रंगने का पर्व है होली : संजय श्रीवास्तव
रायपुर। राजधानी में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति और आपसी भाईचारे की झलक देखने को मिली। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने मिलकर होलिका दहन किया और जीवन से नकारात्मकता दूर करने तथा सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि उत्साह, उमंग और भाईचारे का पर्व है, जो हमें एकजुट होकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
फागुन और फाग गीतों की परंपरा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फागुन का अपना विशेष महत्व है। यहां फाग गीतों के माध्यम से धर्म, एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाता है। गांवों और शहरों में जब फाग गूंजता है तो वातावरण में आनंद का संचार हो जाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में लोकगीत और लोक परंपराएं आज भी जीवंत हैं और यही हमारी असली पहचान है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया रंगों, फाग गीतों और स्वादिष्ट व्यंजनों से केवल मिठास ही नहीं घोलते बल्कि हर रंग में रंग कर उत्साह और आनंद से कैसे जिया जाता है, इसका संदेश हम पूरे देश को देते हैं। यही कारण है कि कहा जाता है, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।
पारंपरिक व्यंजनों की मिठास
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजिया, अनरसा, देहरोली, ठेठरी और खुरमी के बिना होली की कल्पना अधूरी है। इन व्यंजनों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और अपनत्व की मिठास भी समाहित है।
होली के अवसर पर जब घरों में ये पारंपरिक पकवान बनते हैं तो परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर उत्सव का आनंद लेते हैं। यह पर्व हमें परिवार और समाज के साथ मिलकर रहने की प्रेरणा देता है।
किसानों, माताओं और युवाओं को बधाई
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता ही हमारी पहचान हैं और उन्हीं की मेहनत से हमारे तीज त्योहार संभव होते हैं। यदि किसान समृद्ध रहेगा तो प्रदेश खुशहाल रहेगा।
उन्होंने माताओं और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि घर और समाज में त्योहारों की असली रौनक महिलाओं से ही होती है। उनके परिश्रम और स्नेह से ही घर में उत्सव का वातावरण बनता है।
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के जोश और नई सोच से ही त्योहारों का उत्साह बना रहता है। बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि रंग, पिचकारी और त्योहार की मस्ती बच्चों के लिए ही होती है और उनके सुनहरे भविष्य में ही छत्तीसगढ़ का भविष्य निहित है।
मुख्यमंत्री ने संजय श्रीवास्तव को जननेता बताते हुए कहा कि वे वर्षों से ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन करते आ रहे हैं, जो उनके जनता से सीधे जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी।
एकता और सकारात्मकता का संदेश
नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि होली विभिन्न रंगों में हम सबको रंगकर एकजुटता के रंग में रंगने का पर्व है। यह अनेकता में एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि होलिका दहन हमें यह संदेश देता है कि हमें अपने भीतर की बुराइयों, कमियों और नकारात्मक विचारों को जलाकर सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहिए। तरक्की, प्रगति और उन्नति के रंगों से सजा यह पर्व हमें नई शुरुआत करने की प्रेरणा देता है।
संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ चहुंओर विकास कर रहा है। सुशासन के कारण प्रदेश में खुशहाली का वातावरण है और यही कारण है कि इस बार होली का उत्साह पूरे प्रदेश में विशेष रूप से दिखाई दे रहा है।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, भाजपा रायपुर जिला प्रभारी राजेंद्र शुक्ला, मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए। सभी ने मिलकर रंग गुलाल लगाया और एक दूसरे को होली की बधाई दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा समारोह
होली मिलन समारोह में लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को और भी आनंदमय बना दिया। फाग गीतों की गूंज और ढोलक की थाप पर उपस्थित लोग झूमते नजर आए। बच्चों और युवाओं ने रंगों के साथ उत्सव का भरपूर आनंद लिया।
समारोह का मुख्य आकर्षण सामूहिक होलिका दहन रहा, जिसमें सभी ने अग्नि की परिक्रमा कर प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की।
सामाजिक समरसता की मिसाल
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल व्यक्तिगत खुशी का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने का अवसर भी होते हैं। अलग अलग वर्ग, समुदाय और विचारधारा के लोग एक मंच पर एकत्र हुए और मिलकर उत्सव मनाया।
होली का यह मिलन समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। रंगों के इस पर्व ने सभी को यह याद दिलाया कि जीवन में उत्साह, सकारात्मकता और आपसी प्रेम ही सबसे बड़ा रंग है।
अंत में मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली मनाएं तथा समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
इस प्रकार राजधानी में आयोजित यह होली मिलन समारोह छत्तीसगढ़िया संस्कृति, परंपरा और एकजुटता की भावना का जीवंत चित्र बन गया, जहां रंगों के साथ साथ खुशियों और उम्मीदों की भी वर्षा हुई।
