रायपुर। कलिंगा यूनिवर्सिटी, रायपुर के शिक्षा संकाय की ओर से “उच्च शिक्षा में नवाचार, एआई एवं अनुसंधान” विषय पर 17 से 24 अगस्त 2026 तक 7 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का ऑनलाइन आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अनुसंधान और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिला।
कार्यक्रम का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1:30 से 3 बजे तक किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के ज्ञान, शोध दक्षता और पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करना था, ताकि वे उच्च शिक्षा में नवाचार और तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सकें।
AI से लेकर रिसर्च तक कई विषयों पर चर्चा
FDP के दौरान देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर सत्र लिए। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं अनुसंधान, सोशल मीडिया एवं मानसिक स्वास्थ्य, क्रोध प्रबंधन, नवाचारी शिक्षण पद्धतियां, उच्च शिक्षा में नवाचार, परिकल्पना निर्माण एवं परीक्षण उपकरण, उच्च शिक्षा में AI, उभरती प्रवृत्तियां और शैक्षणिक उत्कृष्टता जैसे विषय शामिल रहे।
कार्यक्रम में डॉ. इमैनुएल हंस, डॉ. संध्या द्विवेदी, डॉ. दीप्ति संतोष, प्रो. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. गणेश तन्नू, डॉ. बिजेंदर सिंह, डॉ. विकास भारद्वाज और डॉ. विशाल गोस्वामी ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए।
विशेषज्ञों के सत्रों में प्रतिभागियों को शोध, नवाचारी शिक्षण, AI के जिम्मेदार उपयोग और तकनीक आधारित शिक्षण-अधिगम से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही उच्च शिक्षा के सामने मौजूद नई चुनौतियों और बदलती जरूरतों पर भी चर्चा हुई।
शोध और विद्यार्थी केंद्रित शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों में शोध समस्या की पहचान, परिकल्पना निर्माण, शोध अभिकल्प और परीक्षण से जुड़ी क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसके साथ ही विद्यार्थी-केंद्रित और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने, शिक्षण, अधिगम, मूल्यांकन और अनुसंधान में AI उपकरणों के प्रभावी उपयोग तथा उभरती तकनीकों के नैतिक और जिम्मेदार इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
तीन संस्थानों का मिला शैक्षणिक सहयोग
इस FDP का आयोजन महात्मा गांधी बालिका विद्यालय (पी.जी.) कॉलेज, फिरोजाबाद, सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई नगर और ASMA Institute of Management, Pune के शैक्षणिक सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम को सतत विकास लक्ष्य (SDG) 4 यानी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और SDG 9 यानी उद्योग, नवाचार एवं आधारभूत संरचना से भी जोड़ा गया।
आयोजन समिति और तकनीकी टीम का योगदान
FDP का समन्वय शिक्षा संकाय की संयोजक डॉ. सरोज नैय्यर ने आयोजन समिति और तकनीकी सहयोग टीम के साथ मिलकर किया।
समग्र रूप से यह 7 दिवसीय FDP शिक्षकों के व्यावसायिक विकास, ज्ञान-विनिमय, शैक्षणिक नवाचार और अनुसंधान क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा में AI और नई तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर शिक्षकों को उपयोगी जानकारी मिली।
