राजिम कुंभ कल्प 2026ः संस्कृति, संस्कार और समृद्धि का प्रतीक
महानदी आरती के साथ होगा राजिम कुम्भ कल्प का भव्य शुभारंभ
मुंबई की लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड करेगी सुमधुर भजनों की प्रस्तुति
राज्यपाल रमेन डेका होंगे मुख्य अतिथि, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे अध्यक्षता
कुम्भ में हर शाम राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकार देंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां
संत गुरूशरण महाराज (पण्डोखर सरकार) का लगेगा दिव्य दरबार
आस्था का पॉडकास्टः राजिम कुम्भ कल्प में ब्लॉगर्स को मिलेगा संवाद का नया मंच
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्थित त्रिवेणी संगम राजिम में आयोजित होने जा रहा राजिम कुंभ कल्प 2026 आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का भव्य उत्सव होगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी सशक्त प्रतीक है।
राजिम कुंभ कल्प 2026 का शुभारंभ 1 फरवरी को शाम 6.30 बजे पवित्र महानदी आरती के साथ किया जाएगा, जिसमें श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा। शुभारंभ समारोह के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू एवं समस्त जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। यह गरिमामय उपस्थिति आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करेगी।
कुंभ कल्प के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी भव्य व्यवस्था की गई है। नया मेला स्थल में 1 फरवरी को उद्घाटन समारोह के बाद मुंबई की प्रसिद्ध लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड रात 8 बजे अपनी सुमधुर और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगी। इसके साथ ही कुम्भ के प्रत्येक शाम 4 से रात्रि 9 बजे तक राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो भारतीय लोकसंस्कृति और परंपरा को सजीव रूप में प्रस्तुत करेंगी।
आध्यात्मिक आकर्षण के रूप में संत गुरूशरण महाराज (पण्डोखर सरकार) का दिव्य दरबार 9 से 11 फरवरी तक शाम 4 से रात 9 बजे तक राजिम कुंभ कल्प का विशेष केंद्र रहेगा, जहां श्रद्धालु उनके सान्निध्य और मार्गदर्शन से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। वहीं, 10 फरवरी को विराट संत समागम का आयोजन होगा, जिसमें रात 8 बजे “राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी” गीत से प्रसिद्ध स्वाति मिश्रा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देंगी।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर और राजिम कुम्भ कल्प 2026 के समापन पर सुबह 6.30 बजे विशाल शोभायात्रा और शाही स्नान का आयोजन होगा। समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत समस्त कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे और रात 8 बजे रामायण में प्रभु श्रीराम की भूमिका निभा चुके अरूण गोविल की उपस्थिति इस आयोजन को और भी विशेष बनाएगी।
राजिम कुंभ कल्प 2026 सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का ऐसा संगम होगा, जो श्रद्धालुओं के मन, विचार और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करेगा।
आस्था का पॉडकास्टः राजिम कुम्भ कल्प में संवाद का नया मंच
राजिम कुम्भ कल्प 2026 में आस्था, विचार और संवाद को एक नई पहचान देने के उद्देश्य से आस्था का पॉडकास्ट की विशेष पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत देशभर से आने वाले ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया प्रतिनिधि संतों एवं विशिष्ट अतिथियों के साथ सीधे संवाद कर सकेंगे।
राजिम कुम्भ कल्प में पहली बार पॉडकास्ट के लिए समर्पित मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा की जा सकेगी। यह मंच डिजिटल माध्यम के जरिए सनातन परंपरा, आस्था और विचारों को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा।
पॉडकास्ट पर स्लॉट बुक करने की प्रक्रिया
पॉडकास्ट स्लॉट बुक करने के लिए इच्छुक ब्लॉगरों को राजिम कुम्भ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पॉडकास्ट लिंक पर जाना होगा। वहां रजिस्ट्रेशन सेक्शन में जाकर निर्धारित फॉर्म को पूर्ण रूप से भरना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन फॉर्म में ब्लॉगर को अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पूरा पता के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा।
नियम एवं शर्तें
पॉडकास्ट मंच पर प्रत्येक ब्लॉगर को अधिकतम एक घंटे का समय प्रदान किया जाएगा। स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर की जाएगी। ब्लॉगर को अपने पॉडकास्ट के प्रचार के लिए पोस्टर की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। माइक और अन्य तकनीकी सेटअप ब्लॉगर को अपने साथ लाना होगा।
आयोजकों द्वारा पॉडकास्ट के लिए मंच की मूलभूत व्यवस्था की जाएगी। पॉडकास्ट के दौरान ब्लॉगर संतों एवं अतिथियों के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा कर सकेंगे।
राजिम कुम्भ कल्प का आस्था का पॉडकास्ट मंच डिजिटल युग में परंपरा और संवाद का सशक्त माध्यम बनेगा, जहां आस्था की आवाज़ देश-दुनिया तक पहुंचेगी।
