संस्कृति, संस्कार और समृद्धि का प्रतीक- राजिम कुम्भ कल्प 2026
चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन की थीम पर तैयार हो रहे मंच और आयोजन स्थल
गरियाबंद। पवित्र त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाले राजिम कुंभ कल्प 2026 की तैयारियों को लेकर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने मेला स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग व्यवस्था एवं स्नान घाटों का जायजा लेकर व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने 24×7 तैयारियों में जुटे प्रशासनिक अमले की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्था प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
Rajim Mela 2026: राजिम कुंभ कल्प 2026 को इस वर्ष विशेष रूप से चार धाम यात्रा एवं भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन की थीम पर विकसित किया जा रहा है। मेला स्थल और मुख्य मंच की संरचना में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक तत्वों का समावेश किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर चार धाम यात्रा और ज्योतिर्लिंग दर्शन की अनुभूति प्राप्त हो सके।
मेला क्षेत्र में किए जा रहे समस्त कार्यों के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। इनके मार्गदर्शन में मंच निर्माण, सजावट, विद्युत व्यवस्था, मार्ग प्रकाश, सुरक्षा, पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुव्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है। मेला क्षेत्र का स्वरूप दिन-प्रतिदिन अधिक आकर्षक और व्यवस्थित होता जा रहा है।
rajim mela date: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में राजिम कुंभ कल्प 2026 की संपूर्ण संरचना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सांस्कृतिक गरिमा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान राजिम विधायक रोहित साहू सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजिम कुंभ कल्प 2026 के अंतर्गत भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग- सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, बैजनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम एवं घृष्णेश्वर मंदिर की विशेषताओं को दर्शाने की योजना पर आयोजन की तैयारियां की जा रही है। साथ ही चार धाम- यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ की आध्यात्मिक महत्ता को भी मेला परिसर में साकार किया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 को प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक मानचित्र पर एक भव्य, सुव्यवस्थित और स्मरणीय आयोजन के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक अनुभूति का अद्वितीय अनुभव प्राप्त हो सके।
